Tuesday, 3 July 2012

राजधानी पटना के एक हाई स्कूल में शिक्षा



राजधानी पटना के एक हाई स्कूल में शिक्षा , शिक्षक और बेचारे विद्यार्थियों का हाल - दैनिक जागरण , पटना से एक खबर 


पटना के हवाले ,पटना जिले के धनरुआ प्रखंड में स्थित पभेडा हाई स्कूल की एक खबर आई है. पभेडा , पटना मसौढ़ी गया रोड के निकट एक बड़ा गाँव और बाजार है. मोबाइल और लैंड लाइन टेलिफोन की सुविधा,पभेड़ी मोड़ पटना गया उच्च पथ पर स्थित एक ठीक ठाक बाजार ,प्रखंड मुख्यालय से पभेडा गाँव महज चार किलो मीटर की दूरी . राजधानी पटना भी बीस किलो मीटर से ज्यादा दूर नहीं.मतलब पभेडा गाँव हर मायने में आधुनिक संचार , यातायात और प्रशासनिक व्यवस्था केंद्र के बेहद निकट अवस्थित है..आप पढ़ कर अनुमान लगाएं की इस स्कूल में क्या हो रहा होगा. हमने शिक्षा को किन लोगों के हवाले कर दिया है और नयी पीढ़ी को क्या पढ़ा और सिखा रहे हैं.अगर पभेडा हाई स्कूल में यह सब हो सकता है तो सुदूर देहाती स्कूलों और खास कर प्राथमिक तथा मध्य विद्यालयों में बच्चों पर किस किस तरह के जुल्म ढाए जाते होंगें ? मन सिहर उठता है.

गुस्साये शिक्षक ने छात्रों की पिटाई की, चार जख्मीMay 14, 11:46 pmबताएं
Twitter Delicious Facebook मसौढ़ी धनरूआ प्रखंड की आदर्श पंचायत पभेड़ा स्थित श्री राम हरि उच्च विद्यालय के एक शिक्षक ने दर्जनों छात्रों को शुक्रवार को पिटाई कर दी, जिससे चार छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गये। बाद में उनका उपचार स्थानीय निजी क्लीनिक में कराया गया। इन छात्रों का दोष इतना था कि मुख्यमंत्री की विकास यात्रा की संभावित दौरे को लेकर शुक्रवार की सुबह योजनाओं की समीक्षा करने गये बीडीओ से ग्रामीणों ने विद्यालय की बदतर स्थिति की शिकायत की थी और इन शिकायतों की जांच करने बीडीओ विद्यालय पहुंचे थे। वहां छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों की शिकायत की पुष्टि भर कर दी थी। इस बीच बीडीओ ने विद्यालय की बदतर स्थिति की लिखित जानकारी एडीओ को देते हुए कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक धनरूआ प्रखंड की पभेड़ा पंचायत सरकार द्वारा घोषित आदर्श पंचायत है। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि मुख्यमंत्री अपनी विकास यात्रा को लेकर निकट भविष्य में इस पंचायत का भी दौरा करेगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर शुक्रवार की सुबह बीडीओ शंकर प्रसाद सिंह पभेड़ा पंचायत में क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा करने पहुंचे वहां ग्रामीणों ने उनसे गांव में स्थित श्री राम हरि उच्च विद्यालय की बदहाल स्थिति की शिकायत की। ग्रामीणों से मिली इन शिकायतों की जांच करने बीडीओ तुरन्त विद्यालय पहुंचे। वहां की स्थिति देख वे चकित रह गये। विद्यालय में गंदगी का अंबार लगा था और छात्र-छात्राएं खेल रहे थे। विद्यालय के कुल दस शिक्षकों में से प्रधानाध्यापक सत्य नारायण सिंह समेत नौ शिक्षक व दोनों आदेशपाल अनुपस्थित थे। हालांकि प्रधानाध्यापक ने उन्हे सेलफोन पर खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में कार्यवश होने को बताया। छात्र-छात्राओं ने भी बीडीओ से हमेशा अधिकांश शिक्षकों के अनुपस्थित रहने व इस कारण उनका पठन-पाठन बाधित रहने की शिकायत दर्ज करायी। उधर जांच के बाद बीडीओ के लौट जाने के करीब दो घंटे के उपरान्त विद्यालय के शिक्षक ब्रजेश कुमार, पूनम कुमारी व उपेन्द्र कुमार वहां पहुंचे। शिक्षकों को देख कक्षा नौवीं व दशमी के छात्रों ने उनसे कक्षा लेने का अनुरोध किया। बीडीओ से खुद की गयी शिकायत से पहले से ही आक्रोशित शिक्षक ब्रजेश कुमार तिलमिला उठे और उन्होंने पहले उन छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया और फिर उनसे बदला लेने की एक सोची समझी साजिश के तहत कक्षा लेने के बहाने उन्हे कक्षा में ले गये और वहां छात्रों को डंडा, चप्पल से पीटना शुरू कर दिया इससे छात्र चोटिल हो गये। थाना में लिखित आवेदन दिया।

ऊपर की यह खबर जमीनी स्तर पर शिक्षा की बदहाल व्यवस्था से साक्षात्कार कराता है . सरकारी व्यवस्था के विपरीत हासिये पर स्थित देहाती तबकों में शिक्षा की ललक और व्यक्तिगत निष्ठा और समर्पण का दर्शन कराती ऊपर में दी गयी तीन तस्वीरें धनरुआ प्रखंड के मध्य विद्यालय ननौरी की है. दिसम्बर महीने का पहला सप्ताह , समय सुबह के साढ़े आठ बजे. गाँव के एक उतसाही आदर्शवादी व्यक्ति स्कूल खुलने के पहले गाँव के बच्चों को अपने निजी स्तर पर प्रारभ्मिक शिक्षा देते हैं . स्कूल भवन , पढ़ाने वाले की निष्ठा और बच्चों की स्थिती पर गौर करें . गाँव के bottom ५०% के बच्चे पढ़ना लिखना सीख रहें हैं.पढ़ने वालों में बालिकायों की संख्या पर देखें . पढ़ने और पढ़ाने की कैसी ललक है यहाँ . पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर कैसे लोगों का कब्जा है और वो कैसे कैसे सितम ढाते 

ड़ी पी एस आर के पुरम


ड़ी पी एस आर के पुरम ,नयी दिल्ली ,से आई आई टी में दाखिले का सुपर हाई वे

ड़ी पी एस आर के पुरम से सीधे आई आई टी में दाखिले का सुपर हाई वे .

आई आई टी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए निम्नतम योग्यता + २ परीक्षा में 80 या 85 % किये जाने की चर्चा है . अगर कोई विद्यार्थी +२ की बोर्ड परीक्षा में निर्धारित 80 -85 % से कम अंक लाता है तो वह आई आई टी के परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता है.
अगर देश भर के विभिन्न राज्यों की माध्यमिक परीक्षा बोर्डों की बात की जाय तो 80 -85 % से ऊपर अंक से +२ परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या बमुश्किल से कुछ हजार होगी. आज के हिंदुस्तान समाचार पत्र में झारखण्ड ,उत्तराखंड ,उत्तर प्रदेश और बिहार के सन्दर्भ में यह आंकडा (2009 की बोर्ड परीक्षा के आधार पर ) 35 -3700 पहुंचता है. मतलब यह की 35 करोड़ की आबादी वाले हिंदी पट्टी के ये चार राज्यों के कुल जमा चार हजार छात्र आई आई टी की प्रवेश परीक्षा में बैठ सकेंगें.हाँ कहने वाले जरूर यह कह सकते हैं की इन राज्यों के सी बी एस सी के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में इस प्रवेश परीक्ष में बैठने की योग्यता वाले छात्रों की संख्या राज्य माध्यमिक बोर्डों से पास होने वाले छात्रों की तुलना में अच्छी होगी .तर्क के लिए अगर मान भी लिया जाय तो भी इन चार राज्यों से परीक्षा में बैठने वाले छात्रों का आंकडा दस हजार से कतय्यी आगे नहीं जाएगा.
हिंदी भाषी इन चार पिछडे राज्यों से अब निगाह हटायें और दिल्ली के कुलीन प्रतिष्ठित विद्यालय डीपीएस आर के पुरम को देखें.यह भारत की राजधानी दिल्ली के रसूख वाले लोगों के वारिसों का स्कूल है. 2009 की सीबीऍसई की बोर्ड परीक्षा में तक़रीबन ८०० छात्र छात्राएं 80 % से ज्यादा अंकों से पास की .विज्ञानं के तक़रीबन छः सौ छात्र आई आई टी की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की पात्रता रखते हैं.
अब आप बताईये किस सामजिक आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्र आई आई टी में शामिल हो सकते हैं.जब प्रवेश परीक्षा में शामिल होने में हिन् इतनी बंदिशें तो सरकारी पैसों पर चलने वाले इन उच्च शिक्षण संस्थायों में ,हिंदुस्तान के गाँव और कस्बों छोटे शहरों के सरकारी और म्युनिसिपल स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चे , शिक्षा प्राप्त करने का सपना कैसे देख सकते हैं
जनाब यह तो सीधे सीधे संस्थागत तरीके से ग्रामीण और कस्बाई सरकारी स्कूलों के बच्चों के EXCLUSION की साजिश है.
इसे कहते हैं संस्थागत रूप से प्रतिभा की छंटाई और प्रतिभा का सृजन .मेधा सृजन और निर्माण की यह नयी रवायत है.किसने कहा की सब को समान अवसर मिलना चाहिए . कौन कहता है की मेधा का सृजन सामजिक प्रक्रिया है .
सनद रहे ,इक्कीसवीं सदी में हम मुक्कम्मल तौर पर भारत को मेधा -आधारित समाज और राष्ट्र बनाना चाहते 

मगध के ऐतिहासिक धरोहर


मगध के ऐतिहासिक धरोहर की हिफाजत कौन करेगा ?

 पटना के हवाले से एक खबर आई है . नालंदा जिला , हिलसा अनुमंडल के थरथरी प्रखंड के राजबाद गाँव में तालाब की खुदाई में प्राचीन भगनाव्शेष मिलाने की खबर आई है . कहने की जरूरत नहीं की इस की मुकम्मल पुरातात्विक उत्खनन और संरक्षण की जरूरत है . यूँ पूरा मगध क्षेत्र हीं गौतम बुद्ध की कर्म भूमि रही है ,पर इस क्षेत्र के गौरवमयी (बुद्ध काल ,मौर्य, गुप्त काल और पाल वंश के पांच सौ साल के शासन काल तक ) इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को द्रिघ्कालीन सुदृढ़ नीति बनाकर सहेजकर रखने और विकसित करने की जरूरत है .इस समाचार को विस्तार से पढें .तालाब की खुदाई में मिले प्राचीन सभ्यता के अवशेष
हिलसा (नालंदा) Aug 06, 09:42 pm
जिले के हिलसा अनुमंडल के थरथरी प्रखंड क्षेत्र के जैतपुर पंचायत अंतर्गत राजाबाद गांव में सरकारी स्तर पर तालाब खुदाई के दौरान प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले है। ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए मशीनों से हो रही तालाब की खुदाई रोक दी है और खुद कुदाल व फावड़े लेकर भग्नावशेषों को बिना क्षति पहुंचाये खुदाई करने में जुट गये है। कार्य की देखरेख कर रहे ग्रामीणों ने विशेष कार्य प्रमंडल के जूनियर इंजीनियर को इस बाबत सूचित कर दिया है लेकिन भग्नावशेषों को मिले दो दिन गुजर गये, अब तक कोई भी सक्षम पदाधिकारी स्पाट पर नहीं पहुंचे है। पुरातत्व विभाग भी इस प्रकरण से अबतक अनजान है। वैसे एएसआई के निदेशक एमजे निकोसे ने कहा कि अगर तालाब खुदाई में प्राचीन स्थापत्य कला के भग्नावशेष मिले है तो वह जल्द ही विशेषज्ञों की एक टीम राजाबाद गांव भेजेंगे। जो तमाम तथ्यों का बारीकि से मुआयना करेगी।
बता दें कि राजाबाद अवस्थित तालाब की खुदाई विशेष कार्य प्रमंडल के अधीन हो रही है। खुदाई कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 9.75 लाख की इस कार्य योजना के तहत तालाब को 335 वर्ग फुट क्षेत्र में 7.5 फुट गहरा किया गया है। इसी क्रम में तालाब के पश्चिमी क्षेत्र में 21 फुट लंबा व 16 फुट चौड़ा चबूतरा मिला है। इस चबूतरे में लगी ईटे 14 इंच लंबी, 9 इंच चौड़ी व 2.5 इंच मोटाई की है। चबूतरा पश्चिम से पूरब की ओर झुका हुआ है। चबूतरे के उत्तर-दक्षिण लकड़ी का भीमकाय कालम भी है। इसके अलावा पानी में डूबा एक विशालकाय लकड़ी का खंभा भी है। जिसे ग्रामीणों ने मशीन के सहारे उखाड़ने की कोशिश की लेकिन खंभा टस से मस नहीं हुआ। फिलहाल इस खुदाई कार्य की देखरेख कर रहे संजय सिंह, पंचायत के पूर्व मुखिया श्यामनंदन शर्मा, ललन सिंह, बिन्दा प्रसाद व संतोष कुमार सहित कई अन्य लोगों के नेतृत्व में तालाब की खुदाई करायी जा रही है। ग्रामीणों को कुछ और महत्वपूर्ण अवशेष मिलने की संभावना नजर आ रही है।

कुहेलिका

पूरे उत्तरी भारत में ठंढ का ऐसा आलम है की अखबार और टी वी चैनल वालों को उपयुक्त विशेषण नहीं मिल रहे हैं .अनुप्रास अलंकार की तो बात hin नहीं है .मित्र नीरज ने दिल्ली के कुहरे , ठंढक और उसमें बनते बिगड़ते मनोविज्ञान का बढ़िया खाका अपनी इस कविता में खींचा है. सुन्दर शब्द चयन और संगीतात्मकता से भरी इस कविता का आनंद उठायें. नीरज भारत सरकार में पदाधिकारी हैं. )

कुहेलिका . कुहेलिका
हिम विदीर्ण हवा की
कठिन यह पहेलिका .

यन्त्र रथी हुए रुद्ध
बद्ध गमन आगमन
जम गए जटिल क्षण
हिमनद हुआ गगन .

क्षीण स्मरण ताप से
पिघले प्रतीक्षा
स्वपन सहित स्वास की
कैसी परीक्षा .

Gandhi maidan(patna)


Gandhi Maidan, previously known as the Patna Lawns, is a historic ground at Patnanear the banks of Ganges. The Golghar falls to its west.
Gandhi Maidan
This ground saw the launch of several movements during the Indian freedom struggle, the most important being the Champaran movement and the Quit India movement of 1942. Many prominent leaders of the Indian Independence Movement, such as Mahatma Gandhi, Rajendra Prasad,[1]Anugrah Narayan Sinha, Sardar Patel, Maulana Azad,Nehru, Jaya Prakash Narayan and 

Gandhi Maidan

Gandhi Maidan
Location25°36′28.77″N85°10′03.06″E
Operated byPatna Municipal Corporation
OpenAll year

Sri Krishna Sinha addressed their rallies from here. It was said[who?] that a leader had not arrived until he had addressed a rally at the Patna Lawns.
The successful opposition movement to Indira Gandhi was also launched from this historic ground.
The flag-raising ceremony on the Indian Independence Day and Republic Day is held here by the Chief Minister and Governor of Bihar respectively. Nowadays, these grounds are seeing some commercial use with the District Administration leasing it out for conducting events like mass prayers, trade fairs and other similar development activities.

[edit]

Sunday, 1 July 2012

Nirmal baba


पुलिस के डर से बैंकॉक भाग गये थे निर्मल बाबा

।।नयी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिखे नये अंदाज में।।
रांचीः भक्तों पर किरपा (कृपा) बरसानेवाले निर्मल बाबा स्वदेश लौट आये हैं. खबर थी कि वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए बैंकॉक चले गये थे.
न्यूज चैनल एबीपी न्यूज के मुताबिक, निर्मल बाबा को शुक्रवार रात नौ बजे नयी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया.  पिछले दिनों मध्यप्रदेश पुलिस ने निर्मल बाबा पर दबिश बनायी थी. इसके बाद से उनका कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. खबर आयी थी कि वह देश से बाहर चले गये हैं. इस बीच शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाइकोर्ट, जबलपुर से उन्हें राहत मिल गयी. इसकी सूचना मिलते ही वह स्वदेश लौट आये.
थाइ एयरवेज से आये
न्यूज चैनल के मुताबिक, निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा थाइ एयरवेज की विमान संख्या टीडी 315 से 8.55 बजे नयी दिल्ली पहुंचे. यह विमान 4.30 बजे बैंकॉक से उड़ान भरता है. एयरपोर्ट पर बाबा नये रूप में दिखायी दे रहे थे. बाबा पिंक कलर की शर्ट और क्रीम कलर की पैंट पहने हुए थे. लोगों से घिरे रहने वाले बाबा एयरपोर्ट में अकेले थे.
वारंट पर रोक
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने निर्मल बाबा के खिलाफ वारंट पर स्थगनादेश जारी किया है.  हाइकोर्ट की एकलपीठ के न्यायाधीश आरसी मिश्र ने याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए नौ अगस्त की तिथि निर्धारित की है.सागर-बीना जिला न्यायालय ने दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए निर्मल बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिया था. साथ ही वारंट भी जारी किया था, जिसके खिलाफ निर्मल बाबा की तरफ से याचिका दायर की गयी थी.
बाबा का विवरण डाला गया
इस बीच निर्मल बाबा की आधिकारिक वेबसाइट पर पहली बार उनका संक्षिप्त विवरण डाला गया है.  जहां-जहां भी बाबा रहे, उनका परिवार कब पाकिस्तान से आया, कैसे-कैसे उन्हें बिजनेस किया, साइट पर उसका उल्लेख है.  यह भी लिखा गया है कि उनकी लोकप्रियता से घबरा कर ही उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है और फरजी मुकदमे दायर किये जा रहे हैं.

ब्लू टूथ से नकल करतीं छात्राएं


ब्लू टूथ से नकल करतीं छात्राएं

पटना : परीक्षा में नकल करने के लिए अब परीक्षार्थियों ने हाइटेक तरीका अपना लिया है. मोबाइल फोन में लगे ब्लू टूथ के सहारे नर्सिग की परीक्षा में नकल करते हुए शनिवार को 10 छात्राओं को पकड़ा गया. इन्हें गर्दनीबाग थाने के यारपुर स्थित बीडी इवनिंग कॉलेज से गिरफ्तार किया गया.
पकड़ी गयी छात्राओं में संगीता, मनीषा, अपराजिता, प्रियंका, इंदू, संगीता, रिंकू, आयुषी, रागिनी व रंजिता शामिल हैं. सभी बिहारशरीफ की रहनेवाली हैं. थानाध्यक्ष एसए हाशमी ने बताया कि पारा मेडिकल (नर्सिग) की परीक्षा में ये ब्लू टूथ के सहारे नकल कर रही थीं, तभी वीक्षक ने इन्हें पकड़ लिया. सभी को परीक्षा से निष्कासित कर पुलिस के हवाले कर दिया गया. गर्दनीबाग थाने में मामला दर्ज किया गया है.
* बीडी इवनिंग कॉलेज से पकड़ी गयीं सभी छात्राएं बिहारशरीफ निवासी